मटर

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टमाटर

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केले

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अनार

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हमें आप की सहायता करने में ख़ुशी होगी 

हमारी खेती वाली वेबसाइट पर आपका स्वागत है | अगर आप खेती, बागवानी या पशुपालन अथवा घरेलु गमलो की देखभाल अच्छे विधि से करना चाहते है तो आप सही जगह पर हैं | यहाँ पर बेहतर किसानो और बाग मालिकों के द्वारा, अच्छे पशुपालको के द्वारा अच्छी जानकारी प्रदान की जाएगी | यहाँ आपको खेती से सम्बंधित बहुत अच्छी जानकारी के साथ नए खबरो और विदेशों से आये तरीकों और उपकरणों से रूबरू कराया जायेगा


जैबिक खेती

केमिकलस और नियंत्रकों के इस्तेमाल से सभी फलो और सब्जियों की क्वालिटी गिर रही हैं | लोग अब जैबिक बिधि से उगाये  फल और  सब्जियां

  • Organic food खाएं और अपने परिवार को रोगों से बचायें
  • अधिक पैसे कमायें
  • और इसे कम जगह में भी किये जा सकते हैं |

खेत में रहें, खेती से जुड़े

कृषि कार्य में कई सारे खतरे होते हैं। इनमें खेती करने वाले किसानों को खेत में कई सारे खतरनाक जीव-जन्तुओं का सामना करना पड़ता है। इन्ही सारी समस्याओं से निजात पाने  | अधिक पड़े

आलू की खेती के लिए  आलू किसी भी अच्छी सींचीत मिट्टी मे...

गन्ने की खेती रामकोला। यदि किसान वैज्ञानिक तरीके से खेती कर अधिक पैदावार...

चाय बागवानों की खेती मानसून के पसंदीदा पर्यटन स्थलों में से एक है केरल का हिल...

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भारत एक कृषि प्रधान देश है. कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. भारत में कृषि सिंधु घाटी सभ्यता के दौर से की जाती रही है. 1960 के बाद देश में कृषि के क्षेत्र में हरित क्रांति के साथ नया दौर आया. भारत की खेती से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्‍य इस प्रकार भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 51 फीसदी भाग पर  कृषि, 4 फ़ीसदी पर पर चरागाह, लगभग 21 फीसदी पर वन और 24 फीसदी बंजर और बिना उपयोग की है | देश की कुल श्रम शक्ति का लगभग 52 फीसदी भाग कृषि और इससे सम्बंधित उद्योग और धंधों से अपनी आजीविका चलता है| 2004-2005 में भारत के निर्यात में कृषि और सम्बंधित वस्तुओं कानुपात लगभग 40 फीसदी रहा |  विश्व में चावल उत्पादन में चीन के बाद भारत का दूसरा स्थान है. भारत में खाद्यान्नों के अंतर्गत आने वाले कुल क्षेत्र के करीब 47 फीसदी भाग पर चावल की खेती की जाती है | विश्व में गेंहू उत्पादन में चीन के बाद भारत का दूसरा स्थान है. देश की कुल कृषि योग्य जमीन के लगभग 15 फीसदी भाग पर गेंहू की खेती की जाती है | देश में गेंहू के उत्पादन में उत्तर प्रदेश का प्रथम स्थान है, जबकि प्रति हेक्टेयर उत्पादन में पंजाब का प्रथम स्थान है   भारत में हरित क्रांति लाने का श्रेय डॉक्टर एम एस स्वामीनाथन को जाता है. भारत में हरित क्रांति की शुरुआत 1967-1968 में हुई |
भारत में कृषि में 1960 के दशक के मध्य तक पारंपरिक बीजों का प्रयोग किया जाता था जिनकी उपज अपेक्षाकृत कम थी। उन्हें सिंचाई की कम आवश्यकता पड़ती थी। किसान उर्वरकों के रूप में गाय के गोबर आदि का प्रयोग करते थे।
१९६० के बाद उच्च उपज बीज (HYV) का प्रयोग शुरु हुआ। इससे सिंचाई और रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग बढ़ गया। इस कृषि में सिंचाई की अधिक आवश्यकता पड़ने लगी। इसके साथ ही गेहूँ और चावल के उत्पादन में काफी वृद्धी हुई जिस कारण इसे हरित क्रांति भी कहा गया।