दुग्ध उत्पादन के लिए खोली गई कामधेनु डेयरी हुई फेल

 सम्मान समारोह

राज्य मुख्यालय | कार्यालय संवाददाता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है। केंद्र एवं राज्य सरकार कई कार्यक्रम चला रही हैं। किसान की आय बढ़ाने में दूध उत्पादन की बड़ी भूमिका हो सकती है। किसान खेती करते हुए दूध उत्पादन कर सकता है। गोमती नगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रदेश के बड़े दुग्ध उत्पादकों के लिए समारोह में उन्होंने उल्लेख किया कि
प्रदेश में महज छह हजार दूध समितियां हैं। यह प्रदेश की जनसंख्या व संसाधनों के हिसाब से काफी कम है। प्रदेश में 60 हजार दुग्ध समितियां होनी चाहिए। व्यापक संभावनाएं: मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में डेयरी क्षेत्र के विकास की कि प्रदेश में डेयरी क्षेत्र के विकास की के अनुकूल परिस्थितियां, आवश्यक संसाधन, बाजार आदि की सुविधाएं यह उपलब्ध है। दूध उत्पादन बढ़ाने की भावनाओं को मूर्त रूप देने के लिए
अस्मिति प्रयास की आवश्यकता है। नए डेयरी संयंत्रों की स्थापना, नई दुग्ध समितियों का गठन, दिनों को उन्नत प्रजाति के दुधारू पशु उपलब्ध कराकर दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है। 10 डेयरियों की स्थापना व चार हेयरियों का विस्तार मुख्यमंत्री ने कहा हेयरियों का विस्तार मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 10 डेयरियों की स्थापना तथा चार हेयरियों का विस्तार हो रहा है। प्रदेश में पहले 60-70 डेयरियां थीं।
बंद होने के कारणों को पता कर समाधान खोजा होना चाहिए। उन्होंने को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में डेयरी संयंत्र लगाने की
जरूरत है। इस दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं।

गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सोमवार को मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादकों को ‘गोकुल पुरस्कार’ प्रदान किए।

पीसीडीएफ द्वारा फोर्टीफाइड पराग दूध का शुभारंभ किया गया। दुग्ध उत्पादन में 1.32 लाख लीटर लीटर  की वृद्धि हुई दुग्ध विकास

मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार  के प्रयास से दूध उत्पादन में 1.32 लाख की वृद्धि हुई है। इसमें अभी और  वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि एनडीडीबी के प्रस्ताव के अनुरूप कर्मचारियों को  मिलने वाली ग्रेच्युटी में वृद्धि की जानी चाहिए। कार्यक्रम में कृषि उत्पादन

आयुक्त प्रभात कुमार भी उपस्थित थे। 73 दूध उत्पादकों को गोकुल पुरस्कार’|


मुख्यमंत्री ने यूपी में सर्वाधिक दूध
उत्पादन करने वाले 73 उत्पादकों को।
‘गोकुल पुरस्कार से सम्मानित किया।
इनमें लखीमपुर के अरुण सिंह को दो
लाख रुपये नकद और प्रतीक चिह्न
और दूध उत्पादन में प्रदेश में दूसरे
स्थान पर रहीं मेरठ की कुसुम को डेढ़
लाख रुपये और प्रतीक चिन्ह देकर
‘सम्मानित किया। बाकी 71 विजेताओं
को 51 हजार रुपये दिये गए। इनमें ।
लखनऊ की बिटाना देवी भी शामिल हैं।
‘मुख्यमंत्री से सम्मानित किसानों को


को 51 हजार रुपये दिये गए। इनमें
‘दरक की डिटन देवी भी शामिल हैं।
‘ममी ने सम्मानित किसानों को
धाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपने
हाथों का सही उपयोग किया है और
समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया।
है कि हम कुछ भी कर सकते हैं।
रहे हैं। इस अवसर पर पीसीडीएफ के
गण वाला नाग द्वारा सोयाबीन पाउडर
मिलावट की जांच के लिए विकसित
गई टिमटिम का विमोचन एवं