मटर की उन्नतशील खेती

 

जाने कैसे करें मटर की उन्नतशील खेती……

मटर की खेती पूरे भारत में व्यावसायिक रूप से की जाती है। इसकी खेती हरी फली और दाल प्राप्त करने के लिए की जाती है। मटर में प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस, रेशा, पोटाशियम और विटामिन की जैसे मुख्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये सभी तत्व हमारे शरीर के लिए लाभदायक होती है।

उपयुक्त जलवायु


हमारे देश में अधिकतर जगहों पर मटर की खेती रबी की ऋतु में की जाती है। मटर की उत्तम खेती के लिए नम और ठंडी जुलाई का मौसम बहुत अच्छा माना जाता है। 22 डिग्री सेल्सियस का तापमान मटर के अनुकरण के लिए उत्तम होता है। मटर की वृद्धि और विकास में लिए तापमान 15 से 18 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए, जिस स्थान पर वार्षिक वर्षा 70 से 80 सेंटीमीटर की होती है उस स्थान पर मटर को सफलतापूर्वक उगाया जाता है, लेकिन मटर की वृद्धि के समय में अधिक बारिश का होना नुकसानदायक होता है, इससे मटर की फसल खराब हो सकती है। इसके आलावा मटर में जब फलियां बनने लगे और मौसम गर्म और शुष्क हो जाये तो मटर की गुणवत्ता और उत्पादन पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

भूमि का चुनाव


दोमट मिटटी और मटियार दोमट मिटटी मटर की खेती के लिए अति उत्तम है। उचित जल निकास वाली भूमि और जिवांश युक्त भूमि में मटर की खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है। जिस खेत में मटर की खेती की जा रही है उस खेत की मिटटी का पी. एच. मान यदि 6 या 7. 5 का हो तो बेहतर माना जाता है। बलुआर दोमट मिटटी में भी इसकी खेती की जा सकती है लेकिन इस भूमि में सिंचाई का प्रबंध होना चाहिए, तभी इस भूमि पर मटर की अच्छी खेती की जा सकती है।